Tuesday, Jun 16, 2026 | Last Update : 04:07 AM IST
भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूज्यनीय माना जाता है। धार्मिक महत्व होने के साथ साथ तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है। जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते का सेवन करने से कई बीमारियां दूर होती है।
सांस की समस्या
-सांस संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है।
गुर्दे की पथरी तुलसी गुर्दे को मजबूत बनाती है। यदि किसी के गुर्दे में पथरी हो गई हो तो उसे शहद में मिलाकर तुलसी के अर्क का नियमित सेवन करना चाहिए। छह महीने में फर्क दिखेगा।
दिल की बीमारी तुलसी खून में कोलेस्ट्राल के स्तर को घटाती है। ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह खासी कारगर साबित होती है।
तनाव को करें दूर -
तनाव तुलसी की पत्तियों में तनाव रोधीगुण भी पाए जाते हैं। हाल में हुए शोधों से पता चला है कि तुलसी तनाव से बचाती है। तनाव को खुद से दूर रखने के लिए कोई भी व्यक्ति तुलसी के १२ पत्तों का रोज दो बार सेवन कर सकता है।
गले की खराश करें दूर -
अपने गले को ठीक करने के लिए आप तुलसी के पत्तों का भी प्रयोग कर सकते हैं. इसके लिए कुछ तुलसी के पत्ते लें और इन्हें पानी में डालकर अच्छी तरह से उबाल लें। इसके बाद इस पानी का सेवन करें आपको जल्द ही गले की खराश से मुक्ति मिल जायेगी।
आख की रोशनी बढ़ाए -
तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस १४ दिनों तक आंखों में डालने से रतौंधी ठीक हो जाती है। आंखों का पीलापन ठीक होता है। आंखों की लाली दूर करता है। तुलसी के पत्तों का रस काजल की तरह आंख में लगाने से आंख की रौशनी बढ़ती है।
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