Wednesday, Jun 17, 2026 | Last Update : 12:45 AM IST
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी किया है जिसमें म्यांमार के अशांत रखाइन प्रांत में पिछले साल भड़की हिंसा के दौरान रोहिंग्या आतंकियों ने हिंदुओं पर कहर बरपाने के दौरान दो गांवों पर हमला कर 99 हिंदुओं की हत्या की बात सामने आई है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, यह कत्लेआम 25 अगस्त, 2017 को किया गया था। इसी दिन रोहिंग्या आतंकियों ने रखाइन में पुलिस चौकियों पर हमले किए थे। इस घटना के बाद म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया था। इसके चलते करीब सात लाख रोहिंग्या मुस्लिमों को बौद्ध बहुल म्यांमार से पलायन कर बांग्लादेश जाना पड़ा था। संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार सेना की इस कार्रवाई को जातीय सफाया करार दिया था। सैनिकों पर रोहिंग्याओं की हत्या और उनके गांव फूंकने के आरोप लगे थे। रोहिंग्या आतंकियों पर भी ऐसे ही आरोप लगाए गए थे।
-आतंकियों के संगठन अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (एआरएसए) ने इन आरोपों से इन्कार किया था। लेकिन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बुधवार को कहा कि नई जांच से इसकी पुष्टि होती है कि इस संगठन ने एक गांव में 53 हिंदुओं को मार डाला था। इनमें ज्यादातर बच्चे थे।
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