Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 08:08 PM IST
सबरीमाला मंदिर की तरह कोलकाता में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक है। कोलकाता के पंचकूंडा में काली माता का एक मंदिर है जहां पिछले 34 सालों से महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगी हुई है। इस मंदिर में महिलाओं को मां काली की पूजा करने की इजाजत नहीं दी जाती यहां मां काली की पूजा केवल पुरुष ही करते है। यहां पूजा समिति की ओर से कहा गया था कि अगर महिलाओं को यहां प्रवेश दिया गया तो भारी विपत्ति आएगी। गौरतलब है कि उसी समय से महिलाओं को यहां पंडाल में प्रवेश नहीं दिया जाता है।
काली पूजा के आयोजन में सजावट से लेकर प्रसाद बनाने तक का काम पुरुष ही करते हैं। विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों का कहना कि आधुनिक दौर में भी यह पितृसत्तात्मक मानसिकता का परिचायक है। उनका मानना है कि महिलाओं को पंडाल में या मूर्ति के पास जाने से कोई नहीं रोक सकता है।
-बता दें कि इस मंदिर में दिवाली के अवसर पर काली पूजा का आयोजन होता है। तारापीठ कोलकाता से 265 किलोमीटर दूर बीरभूम जिला स्थित द्वारका नदी के तट पर अवस्थित है और यह तांत्रिक कार्यकलाप के लिए प्रसिद्ध है।
बता दें कि यहां हर साल होने वाली सामुदायिक पूजा पर करीब तीन लाख रुपये खर्च होते हैं और पूजा में भारी भीड़ इकट्ठा होती है। आयोजक ने इस साल यहां 15 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित करने की योजना बनाई है। पूजा के बाद मूर्ति का विसर्जन नौ नवंबर को होगा।
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