Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 10:50 AM IST
बिहार के नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन देने का मामला जोर पकड़ता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन देने के मामले में नाराजगी जताते हुए इसकी सुनवाई की तारिख को 27 मार्च कर दिया है।
समान काम के लिए समान वेतन मामले में बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार के नेतृत्व में गठित कमेटी द्वारा एक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने असंतुष्टि प्रकट की है। उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों का वेतन चपरासी के वेतन से कम क्यों है।
-बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जब चपरासी का वेतन 36 हजार है फिर नियोजित शिक्षकों का वेतन 26 हजार क्यों? कोर्ट ने राज्य सरकार को जम कर फटकार लगई है। इसके साथ ही साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करे कि शिक्षकों की हालत में सुधार कैसे होगा।
गौरतलब है कि 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने समान काम के बदले समान सुविधा पर पहली सुनवाई की थी। गुरुवार दूसरी बार सुनवाई हुई।
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