Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 02:00 AM IST
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) को वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 7,718 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वहीं पिछले साल बैंक को अक्टूबर-दिसंबर महीने में 2,416 करोड़ रुपये का घाटा झेलना पड़ा था।
घाटे का इससे बड़ा आंकड़ा पिछले हफ्ते पंजाब नेशनल बैंक में देखा गया था। पीएनबी को 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हुआ था। जानकारी के लिए बता दें कि पीएनबी देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। इस बैंक को घाटे के दलदल में लाने वाला हीरा व्यापारी नीरव मोदी है। इससे पहले कि बैंक और भारतीय रिज़र्व बैंक को इसका पता चलता वो आराम से विदेश फ़रार हो गए।
-जाने क्या है घाटे की वजह -
भारतीय स्टेट बैंक भी दूसरे बैंको की तरह नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स यानी एनपीए के मकड़जाल में फंसा हुआ है। यानी बैंक ने अपने ग्राहकों को जो कर्ज़ दिए हैं उनमें से कई इसे लौटा नहीं रहे हैं। घाटे का आंकड़ा इतना भारी-भरकम दिखने की वजह बैंक की ओर से बढ़ाई गई प्रोविजनिंग है। इसका मतलब है कि बैंक अप्रैल-मई-जून महीने में भी डूबे कर्ज़ बढ़ने की आशंका जता रहा है।
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