Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 11:31 AM IST
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने साल की शुरुआत के पहले दिन एक साक्षात्कार के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान जब प्रधानमंत्री से तीन तलाक और सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सवाल पूछे गए कि इस मामले में उनकी सरकार अलग-अलग रवैया क्यों अपना रही है? इस पर उन्होंने बहुत की सजगता के साथ जवाब दिया कि यह दोनों ही मामले अलग-अलग है।
तीन तलाक देश की महिलाओं के सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता का विषय है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सहित विभिन्न मुस्लिम देशों में तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किया गया है। इसी से जाहिर है कि यह धर्म और आस्था का मामला नहीं बल्कि पुरुष महिला समानता और सामाजिक न्याय का मामला है।
-वहीं सबरीमाला मंदिर विवाद को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे भारत में सभी को समान अधिकार देने की प्रथा रही है, लेकिन कुछ मंदिरों की अपनी मान्यताएं हैं। इन मान्यताओं का दायरा भी छोटा सा है।उन्होंने कहा कि सबरीमाला के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की महिला जज का जो फैसला है उसको बारीकी से पढ़ने की जरूरत है।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सबरीमाला बचाओ आंदोलन के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए आगामी 06 जनवरी को सबरीमाला जाने वाले हैं। वह जिला मुख्यालय पट्टनमथिट्टा में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। अयप्पा भक्तों ने मोदी से आग्रह किया है कि वह इस अवसर पर सबरीमाला तीर्थयात्रा के परंपरागत काले वस्त्र पहनकर कार्यक्रम में भाग लें।
देश में लागू किए गए नोटबंदी को लेकर भी पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी देश के लिए झटका नहीं है। एक साल पहले ये कहा गया था कि काले धन का खुलासा कर दें। बहुत कम लोग आगे आए। बार-बार चेतावनी दी गई कि हालात सुधारने को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि देश में समानांतर अर्थव्यवस्था थी। उद्योगपतियों, व्यापारियों, बाबुओं के घरों से बोरों में नोट मिलते थे। समानांतर अर्थव्यवस्था देश को खोखला कर रही थी। नोटबंदी देश को आर्थिक मजबूती देगी। बोरों में भरे नोट बैंकिंग में आए हैं। ईमानदारी का माहौल बना है। टैक्स के दायरे में आने वाले लोग बढ़े हैं। देश में जीडीपी की तुलना में करेंसी कम होना शुभ संकेत है।
जीएसटी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी दलों की सहमति से लागू हुआ था। इससे पहले कई चीजों पर 30-40 फीसदी तक टैक्स था। 500 से ज्यादा चीजें कभी ऊंचे टैक्स में थी, लेकिन आज उन पर जीरो टैक्स है। सभी फैसले जीएसटी काउंसिल में होते हैं।
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