Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 05:55 PM IST
आज भारत ही नहीं बल्कि वेदेशों में भी योग प्रसिद्ध हो चुका है। एक दौर था जब योग केवल ऋषियों- मुनियों तक ही सिमित था लेकिन हमारे पर्यावरण के साथ जिस तरह से बदलाव होते जा रहे है उसके कारण कई प्रकार की बीमारियां उत्पन हो रही है। इन बीमारियों से निपटने का सबसे सरल उपाय आज के दौर में योग को माना जाता है। आज भारत ही नही बल्कि विदेशों में भी योग और याेग पद्धति के उपकरणों का इस्तमाल किया जा रहा है।
याेग के दौरान इस्तमाल में आने वाले उपकरणों की विदेशों में काफी मांग बढ़ती जा रही है और इसका सिधा फायदा भारतीय कंपनियों को हो रहा है।
-प्रख्यात याेग संस्थान के ‘श्री अंबिका याेग कुटीर’ के महासचिव रामचंद्रन सुर्वे ने शुक्रवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि याेग पद्वति के काम में आने वाले उपकरणों तथा पात्रों की विदेशों में हर साल मांग बढ़ती जा रही है जिनमें नाक के पूरे हिस्से(नेजल पैसेज) को साफ करने वाला ‘नेति पात्र’ भी शामिल है। यह एक छोटे लोटे की तरह होता है जिसमे से पतले पाइप नुमा हिस्से से नाक में पानी सांस के जरिए खींचा जाता है और इससे पूरी नासा प्रणाली तथा गले का पिछला हिस्सा साफ हो जाता है।
इस मौके पर रामचंद्रन सुर्वे ने कहा कि विदेशों में एलर्जी के बढ़ते मामलों और आर्द्रता के अधिकतम स्तर के चलते लोगों को नाक की एलर्जी संबंधी बीमारियां ज्यादा देखने को मिलती हैं। बहरहाल जानकारि के मुताबिक इस समय आस्ट्रेलिया को एक हजार अौर कनाडा को 800 ऐसे नेति पात्रों का निर्यात किया जा रहा हैं।
...
Leave a Comment
Recent Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!