Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 04:49 AM IST
कर्नाटक में निजी डॉक्टरों की हड़ताल में बेंगलूरु के 22 हजार से ज्यादा डॉक्टर शामिल हो गए है। हालांकि कर्नाटक हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद के बाद डॉक्टरों की एक संघटन प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने हड़तान वापस ले लिया है। हालांकि निजी डॉक्टरों के चार संघटन ने अब भी हड़ताल पर है।
डॉक्टर निजी चिकित्सीय प्रतिष्ठान अधिनियम, 2007 में इसी साल हुए संशोधन का विरोध कर रहे हैं। संशोधन के जरिये चिकित्सीय लापरवाही के लिए छह महीने से लेकर तीन साल तक की जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान जोड़ने की तैयारी है। संशोधन के जरिए कई चिकित्सीय लापरवाहि के लिए 6 महीने की जेल और 3 साल की जेल का प्रावधान जोड़ा जाना है।
-प्रस्तावित संशोधन उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश विक्रमजीत सेन की सिफारिशों पर आधारित है। अपना विरोध तेज करते हुए शहर के पांच मेडिकल संघों ने सरकार से अपना फैसला वापस लेने तक ओपीडी सेवाएं बंद करने की घोषणा की। उन्होंने इस फैसले को चिकित्सीय पेशे के लिए नकारात्मक करार दिया।
वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरो से बात चित कर के समस्याओं का समाधान निकालने को तैयार है।
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