Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 03:21 PM IST
डॉक्टर कलाम को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। तमिलनाडु के रामेश्वरम में जहां 2 साल पहले कलाम सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। डॉक्टर कलाम के समाधि स्थल पर बने स्मारक पर PM ने सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज को फहराया , और स्मारक का उद्घाटन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने स्मारक में बनी अब्दुल कलाम की इस मूर्ति को आभाआवरण किया। जिसमें वह वीणा बजाते हुए दिखाए गए हैं, PM ने डॉक्टर कलाम के कब्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। प्रधानमंत्री ने निर्धारित समय के अंदर स्मारक पूरा होने पर खुशी जताई, और मजदूरों की तरफ से किए गए अतिरिक्त काम के लिए उनका आभार जताया।
पीएम मोदी ने कहा, मैंने स्मारक देखा मन इतना प्रसन्न हो गया कि, हमारे देश में भी इतने कम समय में और इतना इनोवेटिव इमैजिनेशन वाला एक भव्य स्मारक डॉक्टर अब्दुल कलाम जो को पूरी तरह सुसंगत है। उनके विचारों को, उनके कार्यों को, जीवन को,आदत को, संकल्प को, इन मजदूरों ने इन कार्यक्रमों ने इतना उत्तम कार्य किया है। यहां पर उपस्थित सबसे मैं आग्रह करता हूं कि हम उसी जगह पर खड़े होकर उन मजदूरों को स्टैंडिंग ओवेशन दें। तालियां बजा करके उनको स्टैंडिंग ओवेशन दे। इस स्मारक की खास बात यह है कि, इसमें कलाम की प्रतिकृतियां रखी गई है और उनके जीवन के पलों को सजीव करने की कोशिश की गई है। स्मारक में कलाम के तमाम मानवीय भावों को दर्शाती हुई तमाम फोटो और उनसे जुड़ी चीजें रखी गई है। इसके साथ ही यहां पर एक कॉलेज सेंटर भी है, जहां पर मुख्य तौर पर तीन विषय डॉक्टर कलाम का जीवन, विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान और युवाओं को प्रेरित करने में उनका योगदान पर आधारित है। 15 अक्टूबर 2015 को डॉक्टर अब्दुल कलाम के जन्म दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा की थी कि, रामेश्वरम में कलाम स्मारक बनाया जाएगा।इस स्मारक को बनाने में करीबन 20 करोड रुपए खर्च हुए हैं।
-प्रधानमंत्री ने इस मौके पर डॉक्टर कलाम के परिवारजनों से भी बातचीत की। PM ने कलाम संदेश वाहिनी को हरी झंडी देकर रवाना किया। यह प्रदर्शनी देश के अलग-अलग राज्यों से होते हुए डॉक्टर कलाम की जयंती यानी कि 15 अक्टूबर को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन पहुंचेगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कई विकास कार्यक्रमों और लोगों के कल्याण कार्यक्रम की शुरुआत की।
पीएम मोदी ने नीली क्रांति योजना के तहत नौका भारतीयों को नौका देने की मंजूरी भी दे दी। इससे मछुआरों के लिए मछली पकड़ना आसान और किफायती हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस नीली क्रांति के जरिए मछुआरों को सरकार के आगे उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी, और कहा नीली क्रांति के बाद नौका खरीदने के लिए लोन और सब्सिडी सरकार की तरफ से मिलेगी। इस योजना के लिए केंद्र की ओर से 15 सौ करोड़ रुपए की राशि दी गई है।
PM ने इस मौके पर केंद्र के तटीय इलाकों को जोड़ने वाली सागर माला परियोजना का जिक्र किया और कहा इससे निवेश आएगा और लोगों को फायदा होगा।
PM ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अयोध्या से रामेश्वरम तक नए एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन भारत के अति महत्वपूर्ण राज्यों को जोड़ने वाली सबसे लंबी ट्रेन होगी। इस ट्रेन के जरिए उत्तर भारत के लोगों को दक्षिण में भगवान राम के बनाए राम सेतु के दर्शन करने का भी मौका मिलेगा। उत्तर और दक्षिण के 2 धार्मिक प्रथाओं को जोड़ने के लिहाज से ये ट्रेन चालू की गई है। इसमे भारत के स्वच्छ अभियान को बढ़ावा देने के लिए बायो टॉयलेट का इस्तेमाल किया गया है। मोदी जी ने कहा कि, श्री राम का रामेश्वरम से गहरा जुड़ाव है, इसलिए मुझे ट्रेन का उद्घाटन करने में भी बहुत खुशी है।
मंत्री ने ग्रीन रामेश्वरम परियोजना को भी जारी किया। जो स्थानीय विविकरण की ओर से तैयार की गई थी।
PM प्रधानमंत्री ने जयललिता को याद करते हुए कहा, कि वह उनकी कमी को बहुत महसूस कर रहे हैं। और अगर अम्मा हमारे बीच होती तो वह बहुत खुश दिखाई देती और अपना आशीर्वाद हमें देती।
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