Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 08:14 AM IST
प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले के दौरान इन दिनों रामजन्म भूमि का मुद्दा छाया हुआ है और इन सब के बीच गुरुवार को विश्र्व हिंदू परिषद की धर्म संसद की शुरुआत हो चुकी है। दो दिवसीय धर्म संसद में आरएसएस(RSS) प्रमुख मोहन भागवत भी पहुंच चुके है। इस धर्म संसद में करीब पांच हजार संत शामिल हो रहे है। बताया जा रहा है कि संत कश्मीर, उत्तराखंड और केरल-तमिलनाडु जैसे अगल अलग क्षेत्रों से आ रहे है। इतना ही नहीं इस संसद धर्म में विदेशों से भी संत शिरकत कर रहे है। राम मंदिर से संबंधित प्रस्ताव शुक्रवार को पेश होने के बाद धर्म संसद का समापन होगा।
बता दें कि धर्म संसद से पहले RSS के प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच गुरुवार सुबह मुलाकात हुई। यह मुलाकात एक घंटे से अधिक समय तक चली। इसमें परमधर्म संसद के धर्मादेश के संबंध में चर्चा की गई। इसके साथ ही सीएम योगी ने यहां संतों की नाराजगी दूर करने के प्रयास पर भी चर्चा की। इसके बाद सीएम योगी ने जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज से भी मुलाकात की।
-बता दें कि राम मंदिर मुद्दे को लेकर स्वरूपानंद सरस्वती ने भी ऐलान किया है कि वो अयोध्या में २१ फरवरी को राम मंदिर की नीव रखेंगे और इसके लिए राम मंदिर के निर्माण को लेकर प्रयागराज में पिछले दो दिनों से परम धर्म संसद की बैठक चल रही थी।
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