Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 02:26 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) को और ज्यादा सरल बनाने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को एक निजी टेलिविजन चैनल में एक कार्यक्रम के दौरान इस बात के संकेत देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि 99 प्रतिशत सामान चीजें जीएसटी के 18 प्रतिशत के कर स्लैब में रहें। उन्होंने कहा जीएसटी लागू होने से पहले केवल 65 लाख उद्यम पंजीकृत थे, जिसमें अब 55 लाख की वृद्धि हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि जीएसटी का 28 प्रतिशत कर स्लैब केवल लक्जरी उत्पादों जैसी चुनिंदा वस्तुओं के लिए होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि उद्यमों के लिए जीएसटी को अधिक से अधिक सरल किया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में जीएसटी अलग-अलग राज्यों में मौजूद वैट या उत्पाद शुल्क के आधार पर तैयार किया गया था। हालांकि समय-समय पर बातचीत के बाद कर व्यवस्था में सुधार हो रहा है।' मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जीएसटी लागू होने से व्यापार में बाधायें दूर हो रही है और प्रणाली की दक्षता में सुधार हो रहा है। साथ ही अर्थव्यवस्था भी पारदर्शी हो रही है।
-इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि, भारत में भ्रष्टाचार को सामान्य मान लिया गया था। यह तो 'चलता है'। जब भी कोई आवाज उठाता था तो, सामने से आवाज आती थी 'यह भारत है'। यहां ऐसा ही चलता है लेकिन जीएसटी के आने से कई चीजे बदली है।
बता दें कि जीएसटी को एक जुलाई 2017 को देश भर में लागू किया गया था।इसके तहत करों के पांच दायरे बनाये गए। कर के स्लैब को शून्य, पांच, बारह, अठारह और 28 प्रतिशत में बाटा गया हैं। इसमें खाने पीने की चीजों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक व सिनेमा के टिकट तक शामिल है।
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