Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 01:09 PM IST
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिन (25 दिसम्बर) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बने भारत के सबसे लंबे रेल सह सड़क सेतु पुल का शुभारंभ करेंगे। ब्रह्मपुत्र नदी पर बोगीबील में बनी 4.94 किलोमीटर लंबी और रणनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण यह परियोजना न केवल आम लोगों के लिए बल्कि भारत के लिए रक्षा मोर्चे पर भी अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार हो गई है।
अरुणाचल प्रदेश में चीन की चुनौतियों और सेना की जरूरतों को देखते हुए इस पुल को काफी अहम बताया जा रहा है। यही वजह है कि बोगीबील पुल को इतना मजबूत बनाया गया है कि इस पर भारी टैंक और सैनिक साजो सामान आसानी से ले जाया जा सके। बता दें कि यह बोगीबील पुल, असम समझौते का हिस्सा रहा है और इसे 1997-98 में अनुशंसित किया गया था। यह पुल अरूणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर रक्षा सेवाओं के लिए भी आड़े वक्त में खास भूमिका निभा सकता है।
-एचडी देवेगौड़ा ने रखी थी आधारशीला
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने 22 जनवरी, 1997 को इस पुल की आधारशिला रखी थी। लेकिन इस पर काम 21 अप्रैल, 2002 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय में शुरू हो सका। पुल के शुभारंभ की तारीख का दिन 25 दिसम्बर को रखी गई है जो वाजपेयी जी की वर्षगांठ का भी दिन है। इस पुल की सबसे ख़ास बात यह है कि दो मंजिला इस पुल पर एक साथ ट्रेन और बसें दौड़ सकती हैं।
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