Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 11:22 AM IST
मन की बात रेडियो कार्यक्रम के जरिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से देश को संबोधित करते रहे हैं। मोदी जी कहते हैं कि ३ साल से 'मन की बात' ने देशवासियों की भावनाओं की उन्हें अनुभूति कराई है। अपने संबोधन में मोदी जी कहते हैं कि जो भावनाएं उनके मन में जन गण मन को सुनकर आती है वही भावनाएं उन्हीं मन की बात से जुड़ने से आती है।
मोदी जी कहते हैं कि एक बार उन्होंने सोशल मीडिया पर हरियाणा के एक सरपंच की फोटो देखी। जिस पर उन्होंने सेल्फी विद डॉटर लिखा हुआ था और अपने मन की बात उन्होंने देशवासियों के सामने रख दी थी। और इसका सकारात्मक परिणाम भी आया।
-आगे वह कहते हैं कि एक बार मन की बात के जरिए उन्होंने लोगों के सामने खादी के बारे में अपने विचार रखे थे। उन्होंने कहा था कि खादी कोई वस्त्र नहीं है खादी एक विचार है। आगे वह कहते हैं कि उस समय के बाद से उन्होंने देश में बहुत बदलाव देखा। देश में खादी की बिक्री बढ़ने लगी। लोगों को खादी के कपड़े में रुचि होने लगी। मोदी जी कहते हैं कि खादी में बिक्री बढ़ने के कारण गरीबों को बहुत लाभ हो रहा है। सीधे सादे गरीब जो खादी का व्यापार करते थे, काफी सालों पहले उनका व्यापार बंद हो चुका था। लेकिन जब से खादी की बिक्री बढ़ी है उनका व्यापार फिर से चलने लगा है। उत्तर प्रदेश में एक आश्रम था जिसका नाम था सेवापुरी आश्रम। यहआश्रम पिछले २५ साल से बंद पड़ा था लेकिन आज खादी की बिक्री बढ़ने के कारण यह आश्रम फिर से खुल गया है।
प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं कि पिछले महीने हम सब ने मिलकर एक संकल्प किया था और यह तय किया था कि हर साल गांधी जयंती से १५ दिन पहले हम पूरे देश में स्वच्छता का उत्सव मनाएंगे। हमारे देश के राष्ट्रपति ने इस कार्य की शुरुआत की थी और तब से पूरा देश इस कार्य से जुड़ गया। लगभग ढाई करोड़ से भी ज्यादा बच्चों ने स्वच्छता के निबंध स्पर्धा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कई बच्चों ने कविताएं बनाई तो कई बच्चों ने पेंटिंग। मोदी जी ने बताया कि श्रीनगर के नगर निगम ने एक १८ साल के नौजवान बिलाल डार को स्वच्छता के लिए अपना ब्रांड अंबेस्डर बना लिया है। बिलाल ने १२-१३ साल की उम्र में ही स्वच्छता कार्य शुरु कर दिया था।
मोदी जी कहते हैं कि दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश जी और गांधी जी ऐसे महापुरुष हुए हैं जो सत्ता की गलियारों से कोसों दूर रहकर भी देश के लिए समर्पित रहे। वह कहते हैं कि दीनदयाल उपाध्याय जी हमेशा समाज के आखिरी छोर पर बैठे हुए गरीबों पीड़ितों और शोषित वंशो की ही चर्चा किया करते थे।
मोदी जी का कहना है कि देश हमारा सही दिशा में जा रहा है। जो बातें वो 'मन की बात' के जरिए लोगों तक पहुंचाते हैं, उस बात को लोग अच्छे से समझ रहे हैं और उस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।
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