Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 12:38 AM IST
तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ महीनों से चल रहा प्रदर्शन मंगलवार को उस दौरान और हिंसक हो गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर दी। इस फायरिंग में अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं इस हादसे में 95 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
बढ़ते प्रदर्शन और विद्रोह को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने प्लांट में काम होने पर रोक लगा दी है। वहीं मंगलवार को हुए हिंसक हादसे को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है साथ ही शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ‘के.पलानीस्वामी’ ने इस घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही उन्होने घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा भी की है। वहीं गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है।
-इस कारण प्रदर्शनकारी प्लांट को बंद करने की कर रहे थे मांग-
वेदांता समूह के स्वामित्व वाले प्लांट को प्रदूषण संबंधी चिंताओं को लेकर बंद करने की मांग कर रहे लगभग पांच हजार लोग पुलिस से भिड़ गए और वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि करीब 5000 प्रदर्शनकारी स्थानीय चर्च के पास इकट्ठे हो गए और जब उन्हें प्लांट तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी गई तो उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकालने पर जोर दिया। हालांकि एक सरकारी बयान के अनुसार जिला कलेक्ट्रेट और संयंत्र तक करीब 20 हजार लोगों ने जुलूस निकाला। इनकी मंशा प्लांट और कलेक्ट्रेट का घेराव करने की थी। ये लोग मांग कर रहे थे कि तांबा प्लांट को स्थायी रूप से बंद किया जाये। इसी दौरान हिंसा हो गई।
बता दें कि तूतीकोरिन में वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट पिछले 20 सालों से चल रहा है। 2013 में प्लाट में गैस रिसाव होने की बात सामने आई थी जिसके बाद इसे तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि कंपनी एनजीटी में चली गई। एनजीटी ने राज्य सरकार का फैसला बदल दिया। जिसके बाद ये फैसला सुप्रीम कोर्ट में आया और अब याचिका शीर्ष अदालत में लंबित है।
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