Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 03:30 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पद्मावती पर हो रही बयानबाजी पर नाराजगी जताई है। मंगलवार को कोर्ट ने कहा सेंसर बोर्ड से सर्टीफीक्ट मिलने से पहले सरकारी पदो पर बैठे लोगों का बयान देना गलत है। शिर्ष अदालत ने साफ किया कि इस मसले पर मुख्यमंत्रियों को जिम्मेदारा बयान बंद होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेता फिल्म देखे बिना उसके बारे में बयान दे रहे हैं।
कोर्ट ने फिल्म पद्मावती को लेकर कहा कि अगर कोई ऐसा करता है तो वो कानून के राज्य के सिद्धांत का उल्लंघन करेगा। कोर्ट ने कहा इन लोगों को ये बात दिमाग में रखनी चाहिए कि हम कानून के राज्य के तहत शासित होते हैं। जब सीबीएफसी के पास मामला लंबित हो तो जिम्मेदार लोगों को कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सेंसर बोर्ड विधान के तहत काम करता है और कोई उसे नहीं बता सकता कि कैसे काम करना है। हमें उम्मीद है कि सब संबंधित लोग कानून का पालन करेंगे।
-फिल्म पद्मावती को विदेश में रिलीज नहीं किए जाने को लेकर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि फिल्म पद्मावती को लेकर राज्स्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश जैसे कई राज्यों में फिल्म की रिलीज पर विरोध किया जा रहा है।
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