Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 03:32 AM IST
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कई अफवाहों को खारिज करते हुए बैंक उद्योगपतियों के कर्जों को बट्टे खाते में डाल रहे हैं। अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने किसी भी बड़े डिफॉल्टर का कर्ज माफ नहीं किया है।
अरुण जेटली ने एक बॉक में लिखा कि पिछले कुछ दिनों से एक अफवाह उड़ाई जा रही है कि उद्योगपतियों के कर्ज को माफ किया जा रहा है। उन्होने कहा कि पूंजीपतियों को कर्ज माफी की काल्पनिक कहानी है। उन्होंने कहा कि यह पूछा जाना चाहिए कि 2008 से 2014 के बीच किसके कहने पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा कर्ज बांटे गए थे जो आज एनपीए में बदल चुके हैं। जेटली ने कहा कि बैंकों को कैपिटल देने का कारण उन्हें मजबूत बनाना है मजबूर नहीं।
-उन्होंने पूछा कि किसके आदेश से साल 2008 से 2014 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा उन कर्जों को डिस्बर्स किया गया, जो एनपीए में तब्दील हो चुके थे।वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों को अफवाह फैलाने वालों से यह पूछने की जरूरत है कि किसके आदेश या दबाव के तहत उन कर्जों को डिस्बर्स किया गया।
उन्होंने कहा कि साल 2015 में स्वच्छ एवं पूरी तरह से प्रावधानित बैंलेंस-शीट के लिए किए गए एसेट क्वालिटी रिव्यू (एक्यूआर) में बेहद अधिक एनपीए का खुलासा हुआ।वित्त मंत्री ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, लगभग 4,54,466 करोड़ के एनपीए सामने आए।
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