Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 09:52 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ट वकीलों के लिए गुरुवार को महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किया है इसके तहत मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में एक स्थाई समिति का गठन भी शामिल है। वकीलों को वरिष्ट वकील का दर्जा देने के लिए न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश के अलावा समिति में सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में से वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होंगे। यह परिस्थिति आधारित होगा।
इस पीठ के तहत स्थाई सचिवालय के गठन का प्रस्ताव रखा है जो, स्थाई समिति द्वारा वकील को वरिष्ठ दर्जा देने पर विचार करेगी। इसके साथ वकील से जुड़ी जानकारी जुटाएगी।
वकीलों को वरिष्ठ वकील का दर्जा देने के संबंध में फैसला करते हुए यह समिति विभिन्न पहलुओं पर भी विचार करेगी. इनमें प्रैक्टिस के वर्ष, वकील जिन मुकदमों का हिस्सा रहे हैं उनके फैसले, प्रो बोना लिटिगेशन (अलग-अलग विषयों पर लड़े गए मुकदमे) और व्यक्तित्व परीक्षण शामिल है।
इसके लिए वकील का व्यक्तित्व परीक्षण किया जाएगा। इसके तहत वकील को वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से पहले उसका साक्षात्कार लिया जाएगा। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ का दर्जा देने के लिए जिन वकीलों के नाम पर विचार हो रहा होगा, स्थाई सचिवालय उनकी सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा ताकि पक्षकार अपना रूख पेश कर सकें।
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