Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 08:46 AM IST
नरोदा पाटिया मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने चार दोषियों को जमानत दे दी है। इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इनकी सजा पर फिलहाल संदेह है। आपको बता दें कि इन चारों आरोपियों को गुजरात हाई कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। इन चार दोषियों के नाम उमेशभाई भारवाड़, राजकुमार, हर्षद और प्रकाशभाई राठौड़ है।
इस मामले में गुजरात हाई कोर्ट में 32 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था जिनमें से 17 लोगों को बरी कर दिया गया। जबकि 12 की सजा को बरकरार रखा गया। बता दें कि इस मामले से जुड़े एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
-इस मामले में साल 2012 में अगस्त में एसआईटी मामलों के लिये विशेष अदालत ने राज्य की पूर्व मंत्री और भाजपा नेता माया कोडनानी समेत 32 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में इस मामले की सुनवाई गुजरात हाईकोर्ट में हुई जहां माया कोडनानी को बरी कर दिया था। जबकि इस मामले में आरोपि बाबू बजरंगी की सजा को बरकरार रखा गया।
बता दें कि नरोदा केस का मुकदमा अगस्त 2009 में शुरू हुआ था। इस मामले में 62 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में अदालत ने माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी को दंगा भड़काने का दोषी करार दिया था। माया कोडनानी दंगों के बाद भी साल 2002 और 2007 में नरोदा से ही विधायक बन चुकी हैं, साथ ही वे गुजरात सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं।
गुजरात में साल 2002 में हुए दंगों के दौरान नरोदा पाटिया इलाके में 97 अल्पसंख्यक लोगों की हत्या कर दी गई थी। इनमें से ज्यादातर कर्नाटक और महाराष्ट्र के प्रवासी थे। लोगों पर यह हमला उग्र भीड़ द्वारा किया गया था।
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