Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 08:12 AM IST
राम जन्मभूमि विवाद मामले में केंद्र सरकार ने बड़ा दांव चला है। केन्द्र सरकार इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। केन्द्र की मोदी सरकार ने राम जन्मभूमि विवाद मामले में विवादित जमीन छोड़कर बाकी जमीन को लौटाने की मांग की है। बता दें कि सरकार के इस कदम का हिंदूवादी संगठनों ने स्वागत किया है।
केन्द्र सरकार ने अपनी अर्जी में ६७ एकड़ जमीन में से कुछ हिस्सा सौंपने की अर्जी दायर की है। सरकार द्वारा दी गई अर्जी में कहा गया है कि विवादित जमीन को छोड़ कर बाकी जमीन भारत सरकार को सौंप दी जाए। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने कोर्ट से १३ मार्च २००३ का यथास्थिति क़ायम रखने का आदेश रद करने की भी अर्जी दायर की है।
-गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि विवाद मामले में ६७ एकड़ जमीन पर यथास्थिति बनाने को कहा था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस बोबडे के छुट्टी पर जाने की वजह से सुनवाई टल गई।
बता दें कि अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के आसपास की करीब ७० एकड़ जमीन केंद्र सरकार के पास है। इसमें से २.७७ एकड़ की जमीन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था। जिस भूमि पर विवाद है वह जमीन ०.३१३ एकड़ ही है। १९९३ में सुप्रीम कोर्ट ने इस जमीन पर स्टे लगाया था, और किसी भी तरह की एक्टविटी करने से इनकार किया था।
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