Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 12:42 AM IST
उड़ीसा विधानसभा ने महानदी जल विवाद मामले में सदन की कमेटी बनाने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर कई घंटे चली बहस के बाद इस पर सहमती बनी है। सभी दलों के विधायकों ने कहा कि छात्तीसगढ़ की तरफ से बनाए जा रहे नदी में बाधों से उड़ीसा के लोगों को नुक्सान हो रहा है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट की ओर से दाखिल हल्फनामें में कहा गया कि उडिसा की ओर से जारी दस्तावेज इस मामले में नही मुहया कराए गए है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि महानदी को लेकर ओडिशा और छात्तीसगढ़ के बीच के विवाद को संबंधित पक्षों के बीच बातचीत से सुलझाया जा सकता है। वहीं ओडिशा का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने बताया कि केंद्र ने कल शीर्ष न्यायालय में लिखित जवाब प्रस्तुत किया।
-तत्कालीन जल संसाधन, नदी विकास और गंगा जीर्णोद्धार मंत्री उमा भारती ने 14 मार्च, 2017 को लोकसभा में अंतर-राज्य नदी जल विवाद संशोधन विधेयक 2017 को लोकसभा में पेश किया था।
अधिवक्ता ने साथ ही कहा कि सरकार ने शीर्ष न्यायालय को सूचित किया कि महानदी नदी विवाद को दोनों पक्षों के बीच बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।
ओडिशा महानदी पर 13 बैराज और सात छोटे बांधों के निर्माण के छाीसगढ़ की योजना का विरोध कर रहा है। ओडिशा ने कहा कि इससे उसके किसानों के हितों पर फर्क पड़ेगा।
इसी के खिलाफ ओडिशा सरकार ने पिछले साल दिसंबर में न्यायालय का रुख किया। राज्य ने छाीसगढ़ के निर्माण परियोजनाओं को रोकने की मांग की है।
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