Saturday, Jun 20, 2026 | Last Update : 04:31 AM IST
भारतीय सेनाबलों को भविष्य की लड़ाइयों के लिए तैयार करने के लिए अगले पांच साल में 1.5 लाख जवानों की कटौती हो सकती है। सेनाबल को अत्याधुनिक बनाने के लिए इस तरह का कदम उठाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इन पैसों का इस्तेमाल अत्याधुनिक हथियारों को खरीदने के लिए किया जाएगा। जिससे सैन्य बलों को अत्याधुनिक तकनीकी से जोड़ा जाएगा।
मिली जानकारीयों के मुताबिक इस मामले में 21 जून को कैडर समीक्षा आदेश के तहत चर्चा की गई थी। जिसमे सैनिकों की संख्या में 1.2 लाख कटौती से लेकर विभिन्न कार्यक्षमता की बेहतरी के लिए पुन:तैनती को शामिल किया गया था।
-सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू के नेतृत्व वाली 11 सदस्यीय पैनल इस मामले की समीक्षा कर रही है। माना जा रहा है कि पैनल इस महीने के आखिर में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को सौंपेगी। जबकि अंतिम रिपोर्ट नवंबर तक आने की उम्मीद है।
कुछ तर्कसंगत भूमिकाओं के विलय की वजह से अगले दो सालों में 50,000 सैनिकों को कम करने की संभावना है. 2022-23 तक 100,000 और कर्मियों को कम किया जा सकता है, हालांकि यह मामला अभी समीक्षा के चरण में ही है। जानकरी के मुताबिक सेना बलों में कटौती क्षेत्र के हर विभाग से की जाएगी। इनमें आर्मी मुख्यालय, लॉजिस्टिक यूनिट्स, कम्यूनिकेशन विभाग, रिपेयर फैसिलिटीज और अन्य प्रशासनिक विभाग शामिल हैं।
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