Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 11:24 PM IST
आजादी के बाद से भारत और पाक के बीच अक्सर युद्ध होता रहा है। कश्मिर को लेकर भारत और पाक अक्सर आपस में लड़ते रहे है लेकिन इस बार इन दोनों देशों में अब जो जंग हो सकती है उसका कारण नदियों का पानी हो सकता है। दोनों देशों कश्मीर में अपने-अपने इलाके में कई हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बता दें कि किशनगंगा नदी पर बन रही भारतीय परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान विरोध जाता रहा है। पाकिस्तान का मानना है कि भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी अपनी ओर मोड़ सकता है।
दोनों देश यहां नीलम या किशनगंगा नदी पर बड़े से बड़े पावर प्लांट्स स्थापित करने में जुटे हैं। लाइन ऑफ कंट्रोल के दोनों ओर दो प्रॉजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं।
-हालांकि दोनों देशों के बीच यह इलाका बीते 70 वर्षों से विवाद का कारण बना हुआ है। अब पानी को अपनी ओर मोड़ने की होड़ ने इस विवाद को और हवा दे दी है।
बता दें कि नीलम नदी का जल एशिया की सबसे लंबी नदी सिंधु में जाकर मिलता है, जो दोनों देशों की संवेदनशील सीमाओं को तय करने का काम करती है। किशनगंगा कही जाने वाली नीलम नदी तिब्बत से निकलती है और कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान जाती है। पाकिस्तान के पंजाब सूबे समेत बड़े इलाके की 65 फीसदी पानी की जरूरत नीलम नदी के जल से ही पूरी होती है। गौरतलब है कि भारत के इलाके से होकर ही नीलम नदी पाकिस्तान तक पहुंचती है।
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