Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 02:05 AM IST
गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर एक बार फिर से मुद्दा गर्माता दिख रहा है। इसका असर राजस्थान में दिखने लगा है।भरतपुर में आज समाज के दो गुटों की अलग-अलग महापंचायतें हो रही हैं। इनमें एक पंचायत आंदोलन के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में अड्डा गांव तो दूसरी छत्तीसा के पंच-पटेलों की ओर से मोरोली स्थित टोंटा बाबा मंदिर पर होगी।
इस आंदोलन को लेकर गुर्जरों की मांग है कि ओबीसी के लिए अलग से पांच प्रतिशत कोटा तय किया जाए। जिसे लेकर अभी तक सरकार ने कोई आश्वासन नहीं दिया है।
-वही ये आंदोलन हिंसा का रुप ना ले ले इसके लिए रेल पटरियों और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स को जगह जगह तैनात ककर दिया गया है इके साथ ही भरतपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है। भरतपुर एक तरिके से छावनी में तब्दील हो गया है। वही सुरक्षा के लिहाज से आज सुबह से ही राजस्थान रोडवेज बसों का संचान बंद कर दिया गया है।
गौरतलब है कि आरक्षण के लिए गुर्जर समाज के लोग अब तक पांच बार आंदोलन कर चुके हैं। हर बार करोड़ों का नुकसान होता है। कई लोगों की जान चली जाती है। साल 2007 में 29 मई से 5 जून सात दिन गुर्जरों में आंदोलन किया था। इससे 22 जिले प्रभावित रहे और 38 लोग मारे गए। इसके बाद 23 मई से 17 जून 2008 तक 27 दिन तक आंदोलन चला। जिसमें करोड़ो की सम्पत्ती का नुकसान हुआ था।
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