Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 11:20 AM IST
गंगा जिसे हिंदू धर्म के मुताबिक पावन और शुद्ध माना जाता है लेकिन गंगा कितनी शुद्ध है क्या ये जानते है। हरिद्वार में श्रद्धालू गंगा को पूरी श्रद्धा के साथ पूजते है और यहां की ये मान्यता है कि गंगा में डूबकी लगाने से सारे पाप धूल जाते है। गंगा का पानी हरिद्वार में कुछ स्थानों तक साफ है लेकिन ज्यादातर गंगा का पानी यहां भी प्रदूषित हो गया है। कई स्थानों पर गंगा का पानी नहाने के लिए तो ठिक है मगर पीने लायक नहीं।
हरिद्वार में 20 घाट है जहां रोजाना 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालू स्नान करते है। गंगा का उद्गम स्थान हिमालय है हिमालय से गंगा जब निकलनी शुरु होती है तो कई स्थान तक पहुंचते हुए वो प्रदूषित हो जाती है। गंगा को प्रदूषित करने वाले कारखाने और इनसे निकलने वाले कचरे ने गंग को प्रदूषित कर रखा है। हालांकि सरकार ने 500 मीटर तक के क्षेत्र में कचरा फेकने पर पाबंदी लगा रखी है। लेकिन छोटे नालों से आ रहा पानी गंगा में आकर मिल रहा है। जो इसे सबसे ज्यादा प्रदूषित कर रहा है।
-आपको बता दे कि गंगा का पानी 40 करोड़ लोगों के लिए पानी का श्रोत है जो जीवन के लिए सबसे अहम अंग है। गंगा के प्रदूषण को कम करने के लिए सीवेज ट्रीटमेट के लिए तीन संयंत्र लगाए जाने है जिससे प्रदूषण को कम किया जा सकेगा।
बहरहाल कंनौज, इलाहाबाद जैसी जगहों पर गंगा के पानी की शुद्धता फेल होती जा रही यहां का पानी तो नहाने के लायक भी नहीं माना जा रहा है गंगा के पानी की शुद्धता आज देश की अहम समस्या बन गई है।
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