Friday, Jun 19, 2026 | Last Update : 08:01 PM IST
कर्नाटक में हर साल की तरह इस साल भी मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर सियासत गरमा गई है। शनिवार को टीपू सुल्तान की जयंती से पहले आज भाजपा के कार्यकर्ता इसके विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। कर्नाटक सरकार पिछले दो सालों से टीपू सुल्तान की जयंती मना रही है। भाजपा, राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ है और लगातार इस कार्यक्रम को रद करने की मांग कर रही है। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कार्यक्रम का विरोध करते हुए कहा है कि,हम टीपू जयंती का विरोध कर रहे हैं। इस जयंती की कोई सराहना नहीं करेगा। राज्य के हित के लिए सराकर को इसे नहीं मनाना चाहिए। टीपू जयंती मनाकर सरकार केवल मुस्लिम समाज को खुश करना चाहती है।
वहीं राज्य सरकार भाजपा पर इस मुद्दे पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगा रही है। कर्नाटक मंत्री डीके शिवकुमार ने कार्यक्रम को सही बताते हुए कहा कि टीपू सुल्तान का इतिहास काफी लंबा है। अगर हम उनकी जयंती मनाते हैं, तो इसमें मुझे कोई बुराई नहीं दिखती। भाजपा का अपना राजनैतिक अजेंडा है। वो बस हिंदू और अल्पसंख्यकों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पहले ही कह दिया है कि राज्य सरकार टीपू सुल्तान की जयंती मनाएगी। कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वरा ने कहा है कि सरकार एक बार फिर से टीपू जयंती मना रही है। इसको देखते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की है और कानून व व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी की है।
-Karnataka: BJP workers and members stage protest in Bengaluru, opposing #TipuJayanti celebrations which will be observed in the state tomorrow. pic.twitter.com/tUK4NADGMP
— ANI (@ANI) November 9, 2018
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने राज्य सरकार स इस कार्यक्रम में शामिल होने मना कर दिया है। बीजेपी वर्ष 2016 से ही टीपू जयंती समारोह को लेकर विरोध कर रही है। उनके अनुसार टीपू कन्नड़ भाषा और हिंदू धर्म के विरोधी थे।
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