Sunday, Jun 21, 2026 | Last Update : 06:01 PM IST
चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों अयोग्य बताते हुए इनकी सदस्यता को ष्ट्रपति से रद्द करने की मांग की है। हालांकि पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट का मनान है कि सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक कोर्ट में मौजूद नहीं रहे। बहरहाल कोर्ट ने इस सुनवाई के लिए अगली तारिख दे दी है।
आपको बता दें कि पार्टी के 20 विधायकों के इस केस के अलावा एक केस और चल रहा है जिसमें 27 विधायकों के खिलाफ करवाई की जा रही है। ये दोनों मामले लाभ के पद या कहें ऑफिस ऑफ प्रॉफिट से जुड़ा हुआ है। ये सभी मामले रोगी कल्याण समिति में अध्यक्ष पद पर तैनात किए गए 27 विधायकों से जुड़ा हुआ है।
-रोगी कल्याण समिति के अधिकार -
• अस्थाई कर्मचारियों की भर्ती का अधिकार (इसमें डॉक्टर भी शामिल हैं)
• दो लाख रुपये तक के निर्माण कार्य का काम समिति अध्यक्ष की मंजूरी से होता है।
• अस्पताल परिसर में दुकान किराए या लीज पर देने का अधिकार जिसकी कमाई समिति के पास आती है.
गौरतलब है कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने राज्य की 70 सीटों में 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। केजरीवाल के पास महज 44 विधायक बचते हैं. बहुमत के 36 विधायकों की जरूरत होती है, जिसकी संख्या केजरीवाल के पास हैं. लेकिन बहुमत से महज 8 विधायक ही ज्यादा बचेंगे।
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