Saturday, Jun 20, 2026 | Last Update : 03:07 AM IST
राजधानी दिल्ली में पिछले दो सप्ताह में डिप्थीरिया के कारण 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। जिसमें 12 बच्चों की मौत नगर निगम के एक अस्पताल में हुई है। एनडीएमसी ने जारी एक बयान में बताया कि डिप्थीरिया के मामले आम तौर पर केवल इस मौसम में ही सामने आते हैं। अब तक डिप्थीरिया नामक बीमारी के लिए दिल्ली में 85 मरीजों को भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 79 दिल्ली से बाहर के और छह दिल्ली के मरीज हैं जिनमें 12 मरीजों की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक मरीज नौ साल तक की उम्र के है।
डिप्थीरिया एक प्रकार के इंफेक्शन से फैलने वाली बीमारी है। इसे आम बोलचाल में गलाघोंटू भी कहा जाता है। यह कॉरीनेबैक्टेरियम बैक्टीरिया के इंफेक्शन से होता है।
-बच्चे में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं अलर्ट
- सांस लेने में कठिनाई
- गर्दन में सूजन, ठंड लगना
- बुखार, गले में खराश, खांसी
- इंफेक्शन मरीज के मुंह, नाक और गले में रहता है और फैलता है
बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन लगाना जरुरी
वैक्सीनेशन से बच्चे को डिप्थीरिया बीमारी से बचाया जा सकता है। नियमित टीकाकरण में डीपीटी (डिप्थीरिया, परटूसस काली खांसी और टिटनेस) का टीका लगाया जाता है। 1 साल के बच्चे को डीपीटी के 3 टीके लगते हैं। इसके बाद डेढ़ साल पर चौथा टीका और 4 साल की उम्र पर पांचवां टीका लगता है। टीकाकरण के बाद डिप्थीरिया होने की संभावना नहीं रहती है।
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