Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 02:08 PM IST
सच बोलना इतना महंगा पड़ेगा की इसकी कीमत जान दे कर चुकानी पड़ जाएगी वरिष्ट पत्रकार गौरा लंकेश अपने पिता की ४० बर्ष पुरानी साप्ताहिक मैग्जीन 'लंकेश पत्रिके' की संपादक थी। दक्षिणपंथियों की आलोचक रही गौरी लंकेश गलत के खिलाफ विरोध जताया करती थी। मंगलवार की शाम जब वो अपने दफ्तर से घर पहुंची तो ४ अज्ञात लोगों ने उनपर हमला कर दिया। गौरी लंकेश के सिर पर १ गोली और सीने पर २ गोली मारी गई जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गौरी लंकेश का शव खुन से सना हुआ पुलिस को मिला घटनास्थल से कारतूस के चार खोके भी पाए गए है। आस पास के लोगो ने पुलिस को बताया कि फायरिंग की आवाज सुनाई दी थी। इस हमले के बाद गौरी लंकेश के भाई ने हमले को साजिश बताया है। वहीं इस वारदात को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दुख बताया है। सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा कि इस हमले के संबंध में उन्होने डीजीपी से बात की है। सिद्धारमैया ने घटना की गहन जांच के आदेश भी दिए हैं।
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