साइबर क्राइम क्या है ? इससे कैसे करें बचाव

Sunday, Aug 09, 2020 | Last Update : 04:49 AM IST

साइबर क्राइम क्या है ? इससे कैसे करें बचाव

सोशल मीडिया के जरिए वायरस या ठगी जैसे कई अपराध को अंजाम दिया जाता है और इसी अपराध को इंटरनेट की भाषा में साइबर क्राइम का नाम दिया गया है। जिसमें कई प्रकार के अपराध आते हैं।
Mar 30, 2019, 2:16 pm ISTShould KnowAazad Staff
Cyber Crime
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आज का दौर कम्प्यूटर और इंटरनेट का दौर बन गया है कम्पयूटर की मदद के बिना किसी बड़े काम की कल्पना करना आज एक बड़ी चुनौती बन चुका है। आज हर कोई इंटरनेट पर निर्भर हो गया है और शायद यही कारण है कि आज इंटरनेट के जरिए कई बड़े-बड़े अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है।

कई अपराधी इस तकनीक के सहारे हाईटेक हो रहे हैं। आज के दौर में लोग कम्प्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल डिवाइसेज और वर्ल्ड वाइड वेब आदि का सहारा लेकर जुर्म को अंजाम दे रहे है। आज साइबर क्राइम बहुत ही आम हो गया है। आज साइबर क्राइम की मदद से दुनिया भर में अपराध की गिनती बढ़ती जा रही है।  

जाने क्या है साइबर क्राइम/ अपराध -
साइबर क्राइम/ अपराध एक ऐसा अपराध है जिसमें कंप्यूटर और इंटरनेट शामिल है। किसी भी कंप्यूटर का अपराधिक स्थान पर मिलना या कंप्यूटर से कोई अपराध करना कंप्यूटर अपराध कहलाता है। कंप्यूटर अपराध मे नेटवर्क शामिल नही होता है। किसी कि नीजी जानकारी को प्राप्त करना और उसका गलत इस्तमाल करना। किसी की भी निजी जानकारी कंप्यूटर से निकाल लेना या चोरी कर लेना साइबर अपराध कहलाता है।

कंप्यूटर अपराध भी कई प्रकार से किये जाते है जैसे कि जानकारी चोरी करना, जानकारी मिटाना, जानकारी मे फेर बदल करना, किसी कि जानकारी को किसी और देना या कंप्यूटर की भागो को चोरी करना या नष्ट करना। साइबर अपराध भी कई प्रकार के है जसे कि स्पैम ईमेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस को डालना, किसी की जानकारी को ऑनलाइन प्राप्त करना या किसी पर हर वक़्त नजर रखना।

ऑनलाइन ठगी या चोरी आज साइबर क्राइम की श्रेणी का अहम हिस्सा बन चुके है। आज के दौर में साइबर क्राइम दुनिया भर में सुरक्षा और जांच एजेंसियां के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

साइबर अपराध को दो तरह से वर्गीकृत किया गया है -

 •    पहला, ऐसे अपराध जिनमें कंप्यूटर को लक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

 •    दूसरा, ऐसे अपराध जिनमें कंप्यूटर को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है।

नेशनल क्राईम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराध की दर साल २०११ में ८५% तक बढ़ी है, देश के विभिन्न राज्यों से यह आंकड़ा इकट्ठा किया गया है। वहीं साइबर अपराध में गिरफ्तार हुए ज्यादातर अपराधियों की आयु १८ से ३० वर्ष पाई गई।

साइबर अपराध के प्रकार Different Types of Cyber Crime

अनाधिकृत उपयोग एवं हैकिंग

अनाधिकृत उपयोग एक ऐसा अपराध है जिसमें कंप्यूटर के मालिक की अनुमति के बिना कंप्यूटर का किसी भी प्रकार से अवैध रुप से इस्तेमाल किया जाता है। वहीं हैकिंग एक ऐसा अपराध है जिसमें कंप्यूटर प्रणाली में अवैध घुसपैठ करके उसको नुकसान पहुंचाया जाता है।

वैब हाईजैकिंग

यह एक ऐसा अपराध है जिसमें किसी व्यक्ति की वेबसाइट पर अवैध रूप से सशक्त नियंत्रण कर लिया जाता है। इस प्रकार वेबसाइट का मालिक उस वेबसाइट पर नियंत्रण एवं ज़रूरी जानकारी खो देता है।

पॉर्नोग्राफी

यह एक ऐसा अपराध है जिसमें यौन क्रियाएं दिखा कर, यौन उत्तेजना द्वारा पिड़ित से गलत काम कराया जाता है।

फिशिंग

यह एक कैसा अपराध है जिसमें पीड़ित को ईमेल भेजा जाता है, जो कि यह दावा करता है कि वह एक स्थापित उद्यम द्वारा भेजा गया है ताकि पीड़ित से गोपनीय निजी जानकारी निकलवा सके अथवा पिड़ित के खिलाफ, उनको हानी पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की जा सके।

यह बरतें सावधानी - 

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।

अनजान लोगों से इंटरनेट पर बातचीत या ई-मेल का आदान-प्रदान न करें।

इंटरनेट पर कोई भी तस्वीर डालने से परहेज करें। कोई इसका दुरुपयोग भी कर सकता है। 

अपना किसी भी प्रकार का पासवर्ड कभी किसी से साझा न करें

अनचाहे लिंक्स पर क्लिक न करें

समय समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहे ।

अंजान लोगों के ई-मेल का जवाब न दें। ई-मेल के माध्यम से प्रलोभन दिए जाते हैं।

हैकिंग और डाटा चोरी की ज्यादातर घटनाएं वायरस के जरिए अंजाम दी जाती हैं। इस लिए कम्यूटर में एंटी वायरस लगवाएं। एप्पल जैसे ब्रांड का कम्यूटर रख सकते हैं जिसमें वायरस का डर नहीं होता।

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