स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर जाने उनके अनमोल विचार जो आज भी युवाओं में भरते है उर्जा का संचार

Monday, May 10, 2021 | Last Update : 02:15 AM IST

स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर जाने उनके अनमोल विचार जो आज भी युवाओं में भरते है उर्जा का संचार

स्वामी विवेकानंद के जन्‍मदिवस पर जानिए उनके ऐसे अनमोल विचार, जो आपके जीवन की दिशा को प्रेरणा का स्रोत देंगे। स्वामी विवेकानंद के जन्‍मदिवस हर साल युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है।
Jan 12, 2019, 12:41 pm ISTShould KnowAazad Staff
Swami Vivekananda
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स्‍वामी विवेकानंद की आज जयंती 156वीं जयंती है। उनके जन्मदिवस को युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। स्‍वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्र नाथ था। बहुत ही कम उम्र में उन्होंने वेद और दर्शन शास्‍त्र का ज्ञान हासिल कर लिया था। वे आज भी युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार आज भी लोगों में उर्जा का संचार करते है।

स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में भाषण दिया था। इस भाषण में दुनिया भर से अलग-अलग धर्मों के विद्वानों के सामने इन्होंने वेदांत का ऐसा ज्ञान दिया कि पूरा संसद तालियों से गूंज उठा और भारतवासियों का सिर गर्व से ऊंचा उठ गया।  आइए जानते हैं स्वामी विवेकानंद के कुछ अनमोल विचार जो आज भी युवाओं में उर्जा का संचार करते हैं....

- उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते।

- एक विचार चुनिए और उस विचार को अपना जीवन बना लिजिए। उस विचार के बारे में सोचें उस विचार के सपने देखें। अपने दिमाग, अपने शरीर के हर अंग को उस विचार से भर लें बाकी सारे विचार छोड़ दें। यही सफलता का रास्ता हैं।

- सत्य को सहस्र ढंगों से बताया जा सकता है, फिर भी सत्य एक ही होगा।

- कभी भी यह मत सोचो कि तुम्हारे लिए, तुम्हारी आत्मा के लिए कुछ भी नामुमकिन है।

- ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से ही हमारे भीतर मौजूद हैं।हम ही मूर्खतापूर्ण आचरण करते हैं, जो अपने हाथों से अपनी आंखों को ढक लेते हैं और फिर चिल्लाते हैं कि चारों तरफ अंधेरा है, कुछ नजर नहीं आ रहा है।

- सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए, पर किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़ना चाहिए।

- किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

- तुम्हें कोई नहीं पढ़ा सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। अगर यह सब कोई सिखा सकता है तो यह केवल आपकी आत्मा है।

- सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना। स्वयं पर विश्वास करो।

- विश्व एक व्यायामशाला है जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।

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