एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी

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एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी

डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति थे।
Apr 27, 2018, 3:15 pm ISTShould KnowAazad Staff
APJ Abdul Kalam
  APJ Abdul Kalam

अवुल पकिर जैनुलअबिदीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मुसलमान परिवार मैं हुआ। इनके पिता का नाम जैनुलअबिदीन और माता का नाम अशिअम्मा था। इनके पिता एक नाविक थे। एपीजे अब्दुल कलाम के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए इन्हे छोटी सी उम्र में ही काम करना शुरु कर दिया था।

एपीजे अब्दुल कलाम स्कूल के बाद समाचार बेचने का काम करते थे। अखबार खरीद कर ट्रेन में लाते थे। पर मुश्किल बात यह होती थी की उनके रेलवे स्टेशन में ट्रेन नहीं रूकती थी और अगले स्टेशन में रूकती थी जो की 3-4 किलोमीटर दूर था। वे इसलिए अखबार की पेटी को अपने वाले रेलवे स्टेशन में फेंक दिया करते थे और फिर उस 4 किलोमीटर दूर के उस स्टेशन से उतर के चलते हुए आते थे और फिर अपने अखबार के पेटी को उठा कर बेचने निकलते थे। स्कूल के दिनों में कलाम पढाई-लिखाई में सामान्य थे पर नयी चीज़ सीखने के लिए हमेशा तत्पर और तैयार रहते थे। उनके अन्दर सीखने की भूख थी और वो पढाई पर घंटो ध्यान देते थे।

मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने के बाद कलाम ने रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (डीआरडीओ) में वैज्ञानिक के तौर पर भर्ती हुए।

वर्ष 2002 में  कलाम भारत के राष्ट्रपति चुने गए और 5 वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, वह शिक्षण, लेखन, और सार्वजनिक सेवा में लौट आए। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

उन्होंने विवाह नहीं किया और आजीवन स्नातक रहे। कलाम जी के तिन भैया और एक दीदी थी। उनके नाम थे। 27 जुलाई, 2015 को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग, मेघालय (Indian Institute of Management – IIM)  में उनके एक लेक्चर के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गयी।

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