आर्मी डे : भारतीय सेना दिवस से जुड़ी ये खास बातें जिससे हर भारतीय को होगा गर्व

Monday, May 10, 2021 | Last Update : 02:13 AM IST

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आर्मी डे : भारतीय सेना दिवस से जुड़ी ये खास बातें जिससे हर भारतीय को होगा गर्व

भारतीय सेना दिवस आजाद भारत के पहले सेना प्रमुख जनरल केएम करिअप्पा की याद में मनाया जाता है। आज के दिन देश की सुरक्षा में शहीद होने वाले वीरों व जवानों को उनकी शहादत एवं उनकी उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है।
Jan 15, 2019, 11:51 am ISTShould KnowAazad Staff
Indian Army
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हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। आज ही के दिन सन 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। इसी के साथ करियप्पा भारतीय सेना के प्रथम कमांडर इन चीफ नियुक्त किए गए थे। इस साल देश में 71वां सेना दिवस मनाया जा रहा है।

आज दिल्ली स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में परेड का आयोजन किया गया है। इस मौके पर जनरल बिपिन रावत अदम्य साहस एवं वीरता के लिए सैन्य कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। इस साल भारतीय सेना दिवस का नेतृत्व एक महिला अफसर करेंगी। लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी (Lieutenant Bhavana Kasturi) आर्मी सर्विस को लीड करेंगी और आर्मी चीफ बिपिन रावत सलामी लेंगे।

भारतीय सेना दिवस के मौके पर आज हम आपको कुछ खास बातें बताने जा रहे है जिससे हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा- 

साल 1949 में जब जनरल करिअप्पा ने आखिरी ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल सर फ्रांसिस बूचर से भारतीय थल सेना के कमांडर इन चीफ की जिम्‍मेदारी संभाली थी, उस वक्‍त भारतीय थल सेना में करीब 2 लाख सैनिक थे, जबकि आज यह संख्या 13 लाख से भी ज्यादा है।

भारतीय सेना का गठन 1776 में कोलकाता में ईस्ट इंडिया कंपनी ने किया था। आज देश भर में भारतीय सेना की 53 छावनियां और 9 आर्मी बेस हैं। भारतीय सेना दुनिया में सबसे ऊंचाई पर स्थित सीमा की रक्षा करने वाली पहली सेना है। ये सीमा समुद्र तल से 5 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो दुनिया में सबसे ऊंची सीमा है।

आज भारतीय सेना के पास 9 लाख से ज्यादा रिसर्व फोर्स है। इसके साथ ही ये दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना है। हर भारतीय को ये जानकर गर्व होगा कि भारतीय सेना के नाम कभी भी किसी देश पर पहले हमला न करने या किसी देश पर कब्जा न करने का रिकॉर्ड है।

भारत और पाकिस्‍तान के बीच 1971 के युद्ध के बाद ही बांग्लादेश का निर्माण हुआ था। यहां बता दें कि 1971 में भारत ने पाकिस्ता को युद्ध में धूल चटा दी थी।

1999 में कारगिल में घुसपैठ के दौरान भी भारत ने पाकिस्तान को वो करारा जवाब दिया था जिसे पाकिस्तान कभी भूल नहीं सकता।

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