Monday, Jun 22, 2026 | Last Update : 03:28 AM IST
भारतीय वायु सेना के सबसे विश्वसनीय लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई से पहला परीक्षण सफल रहा। इस मिसाइल का असली वजन 2.9 टन होता है, लेकिन जिस मिसाइल को टेस्ट किया गया उसका वजन 2.4 टन था। इसको बंगाल की खाड़ी से दो इंजन वाले सुखोई फाइटर जेट से परीक्षण किया गया। इस परीक्षण को लेकर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत ने यह टेस्ट करके विश्व रिकॉ कायम किया है। उन्होंने इसके लिए ब्रह्मोस और डीआरडीओ की टीम को बधाई भी दी।
हालांकि परीक्षण के मद्देनज़र लड़ाकू विमान सुखोई में कुछ बदलाब की जरूरत महसूस की गई थी जिसे हिन्दुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड ने पूरा किया। बहरहाल इस परीक्षण के सफलता के बाद भारत किसी भी ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकेगा, अंडरग्राउंड बने परमाणु बंकरों को नष्ट किया जा सकेगा और युद्धपोत भी इसकी जद में होंगे।
-सूत्रो के अनुसार शुरुआती स्तर पर 42 सुखोई फाइटर जेट्स पर ब्रह्मोस मिसाइल को लगाये जाने की योजना है। इस परीक्षण की तैयारी जून 2016 से चल रही थी जो अब सफल हो गई । बहरहाल मिली जानकारी के मुताबिक इस सफल परीक्षण के बाद भारत की क्षमताओं में खासा ईजाफा देखने को मिलेगा।
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