आस्था का प्रतीक मकर संक्रांति, भूल कर भी ना करें इस दिन ये कार्य

Tuesday, May 11, 2021 | Last Update : 12:48 AM IST

आस्था का प्रतीक मकर संक्रांति, भूल कर भी ना करें इस दिन ये कार्य

हिंदू पंचाग के मुताबिक मकर संक्रांति के दिन से खरमास और अशुभ समय समाप्त हो जाता है इसके साथ ही इस दिन से सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है जैसे विवाह, ग्रह प्रवेश, मकान, वाहन खरीदने आदि के शुभ कार्य शुरू हो जाते है।
Jan 14, 2019, 10:31 am ISTFestivalsAazad Staff
Makar Sankranti
  Makar Sankranti

मकर संक्रांति का पर्व समृद्धि और धार्मिक तौर पर महत्वपूर्ण पर्व माना जजाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान कर दान पुण्य किया जाता है। इस दिन दान का बहुत महत्व है। सूर्य इस दिन अपने पुत्र शनि की राशि मकर में आते हैं इसलिए इस दिन दान का बहुत महत्व है। भगवान भास्कर को जल दीजिये तथा श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का तीन बार पाठ कीजिये।

मकर संक्रांति के पर्व को देश में बड़ी संक्रांति, उत्तरायण, माघी, पोंगल, खिचड़ी आदि नामों से जाना जाता है।दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। यह मिठास का त्योहार भी कहा जाता है। तिल और गुड़ से बने लड्डू और दूसरी मिठाईयां हर घर में बनती हैं।  मकर संक्रांति के दिन ही गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्वस पर लोग जमकर पतंग उड़ाते हैं।

मकर संक्रांति शूभ मुहूर्त-
मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 15 जनवरी 2019 को पुण्य काल में 07:14 से 12:36 तक
मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 15 जनवरी 2019  को महापुण्य काल में 07:14 से 09:01 तक रहेगा

मकर संक्रांति का महत्व  -
मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में आ जाते हैं। उत्तरायण में सूर्य रहने के समय को शुभ समय माना जाता है और मांगलिक कार्य आसानी से किए जाते हैं। चूंकि पृथ्वी दो गोलार्धों में बंटी हुई है ऐसे में जब सूर्य का झुकाव दाक्षिणी गोलार्ध की ओर होता है तो इस स्थिति को दक्षिणायन कहते हैं और सूर्य जब उत्तरी गोलार्ध की ओर झुका होता है तो सूर्य की इस स्थिति को उत्तरायण कहते हैं। इसके साथ ही 12 राशियां होती हैं जिनमें सूर्य पूरे साल एक-एक माह के लिए रहते हैं। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे मकर संक्रांति कहते हैं।

भूल कर भी ना करें ये कार्य -

    1.    सूर्य को जल लोहे ,स्टील या प्लास्टिक के पात्र से मत दें।
    2.    घर में कोई भी सदस्य कहीं भी मांसाहारी भोजन कदापि मत करे।
    3.    शराब का सेवन घर का कोई भी सदस्य कहीं नहीं करेगा।
    4.    धूम्रपान भी वर्जित है।
    5.    घर पर बनने वाले भोजन में लहसुन और प्याज ना डालें। केवल खिचड़ी बनाएं और वही खाएं
    6.    भोजन  बनने की जगह भोजन कदापि मत करें।
    7.    पूरे दिन नए या एकदम साफ कपड़े धारण करें।गंदे कपड़े कदापि मत पहनें।
    8.    प्रयास करें कि असत्य मत बोलें।
    9.    ब्रम्हचर्य का पालन आवश्यक है।

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