ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट (Ormuz Strait) में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी सेना द्वारा फायरिंग करने के जवाब में, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक नए और व्यापक दौर के सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। इस टकराव से क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयास लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी सेनाओं ने "आम नाविकों और कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कम करने" के उद्देश्य से ये कार्रवाई की। कमांड सेंटर ने हमलों का आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि ये स्ट्राइक ईरानी सेनाओं को जवाबदेह ठहराने के लिए की गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अमेरिकी स्ट्राइक 24 घंटे के भीतर ईरानी ठिकानों पर तीसरी बड़ी कार्रवाई थी। हमलों का फोकस विशेष रूप से स्ट्रेट के पास और ईरान के तटीय क्षेत्रों पर रहा। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि इन हमलों के दौरान अमेरिकी वायुसेना ने एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया।
टकराव की व्यापकता:
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तनाव का दायरा केवल ईरान तक सीमित नहीं है। अमेरिकी सेना ने लगातार कई राउंड में हमला किया है—फॉक्स न्यूज के अनुसार, अमेरिकी फोर्सेज ने रात भर में लगभग 140 ईरानी सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया, जिससे तीन रातों में कुल हमलों की संख्या 300 से अधिक हो गई है।
तनाव बढ़ने के बीच, ईरान ने भी पलटवार किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्री मार्ग से गुजर रहे नागरिक जहाजों पर फायरिंग की। इस बीच, ईरान ने दक्षिणी प्रांतों (जस्क, केशम, बंदर अब्बास) में कई स्थानों पर धमाकों की खबरें जारी की हैं।
पड़ोसी देशों पर प्रभाव:
इस क्षेत्र में तनाव के विस्तार के संकेत पड़ोसी देशों पर हमलों से भी मिले हैं। शनिवार को ईरान ने कुवैत जैसे देशों पर भी हमले किए, जिससे तीन उत्तरी बॉर्डर पोस्ट को नुकसान पहुंचा और एक ऑयल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर भी ड्रोन हमला हुआ।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी:
इस लगातार हो रहे संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है। गुटेरेस ने सभी प्रकार के हमलों (जहाजों पर फायरिंग, और पड़ोसी देशों पर हमले) को तुरंत रोकने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष न केवल अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत खतरनाक परिणाम ला सकता है। उन्होंने वाशिंगटन और तेहरान दोनों से तत्काल राजनयिक बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है।