(IPhO 2026: भारत ने जीता विश्व प्रथम स्थान; प्रधानमंत्री मोदी ने दी सराहना)
कोलोम्बिया से बड़ी उपलब्धि: कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में भारतीय छात्रों ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। भारत के पाँचों छात्रों ने स्वर्ण पदक जीतकर न केवल देश का नाम रोशन किया है, बल्कि इन छात्रों के प्रदर्शन से भारत ने विश्व स्तर पर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इस ओलंपियाड में 87 देशों के 381 युवा भौतिकविदों से मुकाबला था। भारत के पाँच मेधावी छात्रों—कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी—ने यह शानदार सफलता हासिल की।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया अभिनंदन: इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को अपनी बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए भारतीय छात्रों की अपार क्षमता और विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये युवा शक्ति देश के वैज्ञानिक भविष्य को एक नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी उल्लेख किया कि पिछले एक दशक में भारतीय छात्रों ने अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड के विभिन्न संस्करणों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत का मनोबल बढ़ाया है।
युवा प्रतिभा का समर्पण: यह सफलता केवल छात्रों की प्रतिभा नहीं, बल्कि उनके गहन प्रशिक्षण और राष्ट्र के वैज्ञानिक संस्थानों की मेहनत का परिणाम है। भारतीय टीम का चयन और प्रशिक्षण एक अत्यधिक कड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत किया जाता है। छात्रों का चयन 'राष्ट्रीय भौतिक विज्ञान परीक्षा (NSEP)' नामक राष्ट्रीय स्तर की स्क्रीनिंग परीक्षा से होता है। इसके बाद, शीर्ष छात्रों का चयन 'भारतीय राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (INPhO)' के लिए होता है। इसके उपरांत, होमी भाभा केंद्र विज्ञान शिक्षा (HBCSE) में गहन सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक प्रशिक्षण के माध्यम से एक राष्ट्रीय टीम का निर्माण होता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स) पर भी इस उपलब्धि को साझा करते हुए कहा, "हमारे युवाओं का शानदार प्रदर्शन! यह सफलता युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान तथा अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का प्रतीक है।"
यह जीत न केवल इन पाँच ओलंपियाड विजेताओं के लिए, बल्कि संपूर्ण भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए प्रेरणास्रोत है, और यह दर्शाता है कि भारत विश्व स्तर पर वैज्ञानिक उत्कृष्टता के शिखर पर है।
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🥇 स्वर्ण पदक विजेता छात्रों के नाम (The Gold Medalist Students)
87 देशों के 381 युवा भौतिकविदों के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाले पाँच भारतीय स्वर्ण पदक विजेता निम्नलिखित हैं:
- कनिष्क जैन (पुणे)
- रिद्धेश अनंत बेंडाले (इंदौर)
- ऋषित गर्ग (नई दिल्ली)
- श्रेष्ठ सुरैया (मुंबई)
- स्वरित जोशी (अहमदाबाद)
📚 ओलंपियाड चयन प्रक्रिया (The Olympiad Selection Process)
भारत की ओलंपियाड चयन प्रक्रिया: भारतीय टीम का चयन और प्रशिक्षण परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) के तहत कार्य करने वाले होमी भाभा केंद्र विज्ञान शिक्षा (HBCSE) द्वारा आयोजित एक कठोर बहु-चरणीय राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से किया जाता है।
चयन के चरण इस प्रकार हैं:
- राष्ट्रीय भौतिक मानक परीक्षा (NSEP): यह पहला राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग परीक्षा है, जो सामान्यतः नवंबर के अंत में आयोजित की जाती है।
- भारतीय राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (INPhO): NSEP के शीर्ष 400 छात्र इस परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करते हैं, जो शुरुआती वसंत (early spring) में आयोजित की जाती है।
- अभिविन्यास और चयन शिविर: चयनित छात्रों को वैश्विक स्तर के आयोजन के लिए एक टीम बनाने हेतु HBCSE में गहन सैद्धांतिक (theoretical) और प्रायोगिक (experimental) प्रशिक्षण दिया जाता है।