खेल हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा - नरेंद्र मोदी

Aazad Staff

Nation

युवा खेलों को जीवन का अहम हिस्सा बनाएं जिससे उनके उनके व्यक्तित्व का विकास होगा- पीएम नरेंद्र मोदी

बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रथम 'खेलो इंडिया स्कूल गेम्स' कार्यक्रम के उद्घाटन समाहरोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को युवाओं को  संबोधित करत हुए कहा कि खेलों को अपने जीवन का अहम हिस्सा बनाना चाहिए क्योंकि इससे उनके व्यक्तित्व का विकास होता है। इसके साथ ही पीएम ने कहा कि व्यक्ति को अपनी व्यस्त दिनचर्या से खेलों के लिए समय जरूर निकालना चाहिए। जीवन से कुछ समय  खेल के लिए भी निकालना चाहिए।

पीएम ने कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं। हम एक युवा देश हैं और खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, जब हम कहते हैं कि भारत को वैश्विक स्तर पर विकास करना है तो हमारा मतलब सिर्फ मजबूत सेना और अर्थव्यवस्था से नहीं होता है, बल्कि इसका मतलब होता है कि भारत के लोग अपनी पहचान एक सफल वैज्ञानिक, कलाकार और खिलाड़ी के रूप में बनाएं।

मोदी ने खिलाड़ियों को अपने संदेश में कहा, खेलो इंडिया का मकसद पदक जीतना नहीं है। यह खेल को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है। हम हर उस पहलू पर फोकस करना चाहते हैं, जो भारत में खेल को और अधिक प्रचलित बनाएगा।

उन्होंने कहा, ग्रामीण भारत और छोटे शहरों के युवाओं को खेल के क्षेत्र में बड़ी-बड़ी उपलब्धि हासिल करते देखना बेहद खुशी देता है। ऐसे खिलाड़ियों को सहयोग देने की जरूरत है, जो हम उन्हें देना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, खिलाड़ी अपने जुनून के लिए खेल खेलते हैं, इनाम के लिए नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा, इसीलिए खिलाड़ी विशेष होते हैं। जब कोई खिलाड़ी जीतता है और उसे तिरंगा अपने हाथ में लेने का मौका मिलता है तो वह अहसास ही अलग होता है और वह पूरे देश में ऊर्जा का संचार करता है।

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.