अयोध्या : राम मंदिर निर्माण के लिए आज से आरएसएस शुरू करने जा रही है 'संकल्प रथ यात्रा'

Aazad Staff

Nation

आरएसएस आज दिल्ली से रथ यात्रा की शुरुआत करेंगे। ये रथयात्रा 9 दिनों के लिए निकाली जा रही है जो दिल्ली से शुरू होकर पूरे देश में जाएगी। इस रथयात्रा का मकसद देशभर में लोगों से समर्थन जुटाना है। इस रथ यात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी आरएसएस के संगठन स्वदेशी जागरण मंच को दी गई है।

अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर विवाद सालों से चला आ रहा है। इस बीच एक बार फिर से राम मंदिर बनाने के मुद्दे पर आरएसएस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए देश की राजधानी दिल्ली से 1 दिसंबर से 9 दिसंबर तक रथ यात्रा निकालने का फैसला किया है। आरएसएस ने इसे  'संकल्प रथ यात्रा' का नाम दिया है। ये रथ यात्रा आज दिल्ली से निकाली जाएगी जो पूरे देश में घुमेगी। इस यात्रा के जरिए आरएसएस राम मंदिर बनाने के लिए देशभर के लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि इस रथ यात्रा को आज आरएसएस संघ के प्रांत संघचालक कुलभूषण आहूजा दिल्ली के झंडेवालान मंदिर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

गौरतलब है कि 1992 में आरएसएस ने बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एक देशव्यापी रथ यात्रा निकाली थी।  इस रथ यात्रा ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए बड़े आंदोलन किए थे। वहीं, इस आंदोलन के बाद देशभर में सांप्रदायिक झड़प की घटनाएं हुईं। जिसका नतीजा ये हुआ था कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया था।

बहरहाल विश्व हिंदू परिषद पहले से ही पूरे देश में जन समर्थन जुटाने में लगा हुआ है। वीएचपी ने 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए धर्मसभा की थी। जिसमें देशभर से साधु-संतों का जमावड़ा लगा था। इस दौरान शिवसेना ने भी इसी पर अलग से कार्यक्रम का आयोजन किया था।  इस कार्यक्रम के दौरान शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंदिर को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अगर राम मंदिर नहीं बना तो दोबारा बीजेपी सरकार नहीं आएगी।

Latest Stories

Also Read

Biography of Bhaskaracharya: Discoveries, Calculus & Gravity Laws

Explore the life and achievements of ancient Indian mathematician Bhaskaracharya (Bhaskara II). Read about Siddhanta Shiromani, Lilavati, division by zero, and early calculus concepts.

सिंधु-सरस्वती सभ्यता का ४५०० साल पुराना पासा और भारत की जीवंत विरासत

सिंधु-सरस्वती सभ्यता के ४,५०० साल पुराने टेराकोटा पासे की खोज और ऋग्वेद-अथर्ववेद से इसके संबंध के माध्यम से जानिए कैसे भारत आज भी एक अटूट सांस्कृतिक चेतना के रूप में जीवित है।

A 4,500-Year-Old Dice: Proof of the Enduring Continuity of the Indus-Saraswati Civilization

Beyond ruins and geography, India's heritage thrives through living customs, symbols, and an unbroken cultural consciousness. Read about this extraordinary ancient find.

CORONA A VIRUS? or our Perspective?

A Life-form can be of many forms, humans, animals, birds, plants, insects, etc. There are many kinds of viruses and they infect differently and also have a tendency to pass on to others.