पुलवामा आतंकी हमला: पहली बार लोकल फिदायनी का हमले में किया गया इस्तेमाल - सत्यपाल मलिक

Aazad Staff

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जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आतंकियों की हताशा करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि आतंकियों को सरहद पार से मदद मिल रही है। राज्यपाल ने सुरक्षाबलों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जम्मू कश्मीर के पुलबामा में गुरुवार को हुए CRPF के काफिले पर आतंकि हमले के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) ने कहा कि हम इस हमले का उचित जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि हम खुफिया अधिकारियों के साथ टॉप सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की जाएगी इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि हम यह पता लगाएंगे कि कहां पर चूक हुई है।

उन्होंने कहा कि ये साधारण घटना नहीं है।  उन्होंने कहा कि हमारे तरफ से ही कमी रह गई, इसे मानने में मुझे कोई शर्मिंदगी नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले पाकिस्तान से फिदायीन आते थे, लोकल फिदायीन नहीं होते थे, लेकिन पहली बार पाकिस्तान ने एक लोकल फियादीन पैदा किया और उसके जरिये हमले को अंजाम दिया। अब हमें लोकल एलिमेंट पर ज्यादा निगाह रखनी होगी और इससे सख्ती से निपटना होगा।

सर्जिकल स्‍ट्राइक के असर से जुड़े सवाल पर मलिक ने कहा, 'यह हमला बहुत ही खतरनाक और जघन्‍य है. इसमें विस्‍फोटक से भरी गाड़ी मारी गई है. ऐसा अफगानिस्‍तान में होता है. इस तरह की नई तकनीक अपनाई गई है. इसको रोकेंगे. जवाब क्‍या देना है यह बताया नहीं जाता है। यह डिस्‍कस नहीं किया जाता है. यह जिनको करना है वे उच्‍चस्‍तर पर करेंगे। वे जवाब देंगे

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान निराश हो चुका है, सफल चुनावों के बाद वे नए आतंकवादियों की भर्ती नहीं कर सके और पत्थरबाजी भी बंद हो गई है। इसलिए वह कुछ करना चाहता है।

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