26 जनवरी का महत्व… जाने क्यों है खास इस साल गणतंत्र दिवस

Aazad Staff

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हर साल 26 जनवरी के दिन इंडिया गेट पर अमर जोती जवान.. पर दो मिनट का मौन रखा जाता है।

भारत में 26 जनवरी 2018 शुक्रवार को 69 वां गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहे है|  गणतंत्र दिवस को देश में राष्ट्रीय त्योहार के रुप में मनाया जाता। सन 1950 में 26 जनवरी के ही दिन भारत सरकार अधिनियम (1935) की स्थान पर हमारा संविधान लागू किया गया था। 

क्या आप जानते है कि​ गणतंत्र दिवस की शुरुवात 20 साल पहले 26 जनवरी  1930 को  भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने की  थी -

26 जनवरी सन 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। 26 जनवरी 1930 में कांग्रेस ने भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्च्य की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन शुरु किया। उस दिन से 1947 तक 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता रहा।  सन 1947 में जब देश को आजादी मिली तो इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रुप में स्वीकार किया गया और 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए ‘कांसटीटयूएंट असंबली’ द्वारा स्वीकृती  संविधान में  भारत के गणतंत्र स्वरुप को मान्यता प्रदान की गई।

हर साल 26 जनवरी के दिन इंडिया गेट पर अमर ज्योति जवान पर दो मिनट का मौन रखा जाता है।

26 जनवरी के दिन कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा लालकिले पर ध्वज फैराने के साथ की जाती है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में भारत की संस्कृती और कला को दर्शाया जाता है। यहां हर राज्य की विशेषता, लोकगीत व कला को दर्शाया जाता है। आज के दिन इस खुशी को जाहिर करने के लिए परेड और जलूस भी निकाला जाता है। जो इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक आयोजित की जाती है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा दिए विशेष भाषण को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग लाल किले पर एकत्रित होते है।

इस साल गणतंत्र दिवस होगा खास- इस साल भारत का गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास होने जा रहा है| ऐसा पहली बार है जब इस समारोह में 10 देशों के प्रतिनिधियों को निमंत्रण भेजा गया है। ऐसा पहली बार है जब एक साथ 10 देशों को भारत के गणतंत्र दिवस में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। 

इनमें ब्रुनेई के 'सुल्तान हसनअल बोल्किया', कंबोडिया के पीएम 'हुन सेन',  इंडोनेशिया के राष्ट्रपति  'जोको विडोडो',  मलेशिया के पीएम 'नजीब रजाककी',  म्यांमार की सर्वोच्च नेता 'आंग सान सू की',  सिंगापुर के प्रधानमंत्री 'ली सियन लूंग',  थाइलैंड के प्रधानमंत्री 'चान-ओ-चा' और वियतनाम के प्रधानमंत्री 'न्गुयेन शुयान फुक'  शामिल हैं। इस गणतंत्र दिवस भारत के साथ 25 साल की साझेदारी को भी दिखाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात'  में कहा था 2018 का गणतंत्र दिवस समारोह 'युगों तक याद किया जाएगा' क्योंकि सरकार भारत के इतिहास में पहली बार 26 जनवरी पर 10 आसियान देशों के नेताओं की मुख्य अतिथि के तौर पर मेजबानी करेगी।

इस गणतंत्र-दिवस पर पहली बार महिला बाइकर्स स्टंट में लेंगी हिस्सा- राजपथ पर पहली बार महिला बाइकर्स के स्टंट करती नजर आने वाली है। बीएसएफ की 113 महिला बाइकर्स इस बार 350 सीसी की रॉयल एनफील्ड पर तमाम करतब दिखाएंगी. इस टुकड़ी की अगुवाई लद्दाख में बीएसएफ की सब इंस्पेक्टर स्टैन्जीन नॉरयांग करेंगी।

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