मोदी सरकार ने स्कूली बच्चों को दी राहत, स्कूल बैग के वजन के लिए बनाए नए नियम

Aazad Staff

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दसवीं कक्षा तक पढ़ने वाले सभी बच्चों के लिए एक नया नियम जारी किया है इस नए नियम के तहत सभी राज्य सरकारों को चिल्ड्रन स्कूल बैग एक्ट, 2006 (Children’s School Bag Act, 2006) के मुताबिक स्कूल बैग का वजन छात्रों के शरीर के वजन के दस प्रतिशत से ज्यादा नहीं होने का निर्देश जारी किया है।

स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से खुशखबरी। अब भारी भरकम बैग से बच्चों को जल्द राहत मिलने वाली है। दरसल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाईस्कूल तक के बच्चों के स्कूल बैग के वजन की सीमा निर्धारित कर दी है। सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक अब स्कूल बैग का वजन छात्रों के शरीर के वजन के दस प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा।

सरकार के इस फैसले के बाद बच्चों को स्वास्थ समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। दरसल मानव संसाधन विकास मंत्रालय को लगातार भारी भरकम बैग के कारण बच्चों के कमर पर बुरा असर पड़ने की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद सरकार ने इस तरह का कदम उठाया है।

मिनिस्ट्री ने बैग का वजन निर्धारित कर दिया है।  

• कक्षा 1 और 2 में पढ़ने वाले छात्रों के बैग का वजन 1.5 किलोग्राम (KG) निर्धारित किया गया है। 

• कक्षा 3 से 5 में पढ़ने वाले छात्रों के बैग का वजन 2 किलोग्राम से 3 किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

• कक्षा 6 और 7 में पढ़ने वाले छात्रों के बैग का वजन 4 किलोग्राम (KG) निर्धारित किया गया है।

• कक्षा 8 और 9 में पढ़ने वाले छात्रों के बैग का वजन 4.5 किलोग्राम (KG) निर्धारित किया गया है। 

• कक्षा 10 में पढ़ने वाले छात्रों के बैग का वजन 5 किलोग्राम (KG) निर्धारित किया गया है।

जानकारी के मुताबिक,  मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नए नियमों की गाइडलाइन सभी राज्य सरकारों को भेज दिए हैं। बता दें कि इस नए नियम के तहत बच्चों के स्कूल बैग का वजन छात्रों के शरीर के वजन के दस प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

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