कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक 26 जून को होनी है। इस बैठक में पीएफ अकाउंट से सिर्फ 60 फीसदी रकम निकालने की इजाजत वाले प्रस्ताव पर चर्चा की जानी है। बता दें कि यह चर्चा ईपीएफओ ने पीएफ निकालने के बढ़ते मामलों को देखते हुए रखा है।
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आप अपने कुल जमा पैसे से महज 60 फीसदी रकम ही निकाल पाएंगे। यह नियम जिनकी नौकरी चली जाती है, उन पर भी लागू होगा। यानी नौकरी जाने के बाद भी आप अपने पीएफ अकाउंट से पूरे पैसे नहीं निकाल पाएंगे। इससे ऐसे लोगों की मुसीबत और बढ़ सकती है।
ये है वजह- हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स द्वारा अपने पीएफ अकाउंट की पूरी रकम निकालने के कारण संगठन की चिंता बढ़ गई है। ईपीएफओ ने प्रस्ताव दिया है कि जो लोग प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और फॉर्मल सेक्टर के हिस्से हैं, उन्हें कुल जमा राशि का महज 60 फीसदी निकालने की ही अनुमति दी जाए।
जानकारी के मुताबिक ईपीएफओ के इस प्रस्ताव पर कानूनी विवाद छिड़ सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग पूरी रकम निकालना चाहते हैं. कुछ मामलों में इम्पलॉई को पिछले संगठन की तीन महीने की सैलरी के बराबर रकम ही पीएफ अकाउंट से निकालने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि इसके लिए आवेदन वे नौकरी जाने के कम से कम एक महीने बाद ही कर सकते हैं.