धीरूभाई अंबानी ने महज 200 रुपये से शुरु की थी नौकरी, आज भी इन्हे टॉप बिजनेसमैन के रुप किया जाता है याद

Aazad Staff

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धीरूभाई अंबानी की 85वीं जयंती पर जाने कुछ अहम बाते

रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव खड़ी करने वाले धीरूभाई अंबानी की आज 85वीं जयंती है। धीरूभाई अंबानी ऐसे बिजनेसमैन थे, जिन्‍होंने इंडिया को बिजनेस करने का नया अंदाज सिखाया। आज ही के दिन जीनियस बिजनेसमैन धीरूभाई अंबानी का जन्म 1932 में हुआ था। धीरुभाई गुजरात के छोटे से गांव चोरवाड़ के रहने वाले थे।

धीरूभाई अंबानी के पिता हिराचंद गोर्धनभाई अंबानी स्कूल में शिक्षक थे। कम उम्र में ही पिता का देहांत हो गया था। जिसके कारण इनकी शिक्षा पूरी नहीं हो सकी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यही वजह थी कि धीरूभाई ने हाईस्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद ही छोटे-मोटे काम शुरू कर दिए। हालांकि  इससे परिवार का गुजारा  सही से नही हो पता था।

17 साल की उम्र से ही इन्होने काम करना शुरु कर दिया था। 1949 में धीरूभाई अंबानी अपने भाई रमणिकलाल के पास यमन चले गए।  यहां उन्हे एक पेट्रोल पंप पर काम करने का मौका मिला। धीरूभाई अंबानी ने अपने कॅरियर की शुरुआत महज 200 रुपए से की थी।

लगभग दो सालों बाद ‘ए. बेस्सी एंड कंपनी’ जब ‘शेल’ नामक कंपनी के प्रोडक्‍ट्स की वितरक बनी तो धीरुभाई को अदन बंदरगाह पर कंपनी के फिलिंग स्टेशन में मैनेजर बना दिया गया. लेकिन, धीरूभाई के दिमाग में कुछ और ही था. इसलिए 1954 में वे भारत वापस आ गए।

धीरूभाई अंबानी ने  अपने बिजनेस की शुरुआत मुंबई से की थी। दो सहयोगी और एक टेलिफोन के साथ धीरूभाई ने रिलायंस कॉमर्स कॉरपोरेशन की नींव रखी थी। शुरुआती दौर में उनकी कंपनी मसाला और पॉलिस्‍टर का कारोबार करती थी। धीरूभाई अंबानी की कंपनी भारत से मसाला भेजा करती थी और वहां से पॉलिस्‍टर के धागे मंगाती थी।

इस कारोबार के सफल होने के बाद इन्होने 1966 में कपड़े बनाने के कारोबार में कदम रखा जो VIMAL ब्रांड के नाम से प्रचलित है। फिर क्या था लगातार मिलती सफलता से रिलाईंस का नाम बढ़ता चला गया। 1992 में ग्‍लोबल मार्केट से फंड जुटाने वाली रिलायंस देश की पहली कंपनी बन गई।

अपनी कड़ी मेहनत, सटीक स्‍ट्रैटेजी के चलते उन्‍होंने रिलायंस जैसा बड़ा करोबार खड़ा किया था। बता दे कि 2002 में जिस वक्‍त उनकी मौत हुई थी उस वक्‍त जानकारों के मुताबिक रिलायंस की कुल संपत्ति करीब 62 हजार करोड़ रुपए थी।  आज धीरूभाई अंबानी के दोनों बेटे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी सफल बिजनेसमैन की कतार में खड़े हो गए हैं।

 6 जुलाई 2002 को धीरूभाई अंबानी ने इस दुनिया को हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

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